वर्ल्ड पॉपुलेशन डे 2025: दुनिया की बढ़ती आबादी का सच, खतरे और समाधान

हर साल 11 जुलाई को वर्ल्ड पॉपुलेशन डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य है लोगों का ध्यान दुनिया की तेजी से बढ़ती आबादी की ओर खींचना और यह समझाना कि अगर समय रहते संभला नहीं गया तो आने वाला भविष्य किस हद तक खतरनाक हो सकता है। वर्ल्ड पॉपुलेशन डे क्यों मनाया जाता है? 1987…

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एलियंस: क्या हम ब्रह्मांड में अकेले हैं?

मानव सभ्यता ने सदियों से आकाश की ओर देखा है, यह सोचते हुए कि क्या वहाँ कोई और भी है। क्या हम इस विशाल ब्रह्मांड में अकेले हैं, या कहीं दूर किसी अन्य ग्रह पर जीवन का कोई और रूप विकसित हो चुका है? एलियंस यानी “परग्रही जीवन” का विचार आज सिर्फ विज्ञान-कथा तक सीमित…

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ब्रह्मांड (Universe): एक अनंत रहस्य

जब हम रात के अंधेरे में आकाश की ओर देखते हैं, तो अनगिनत तारे हमारी आंखों के सामने झिलमिलाते हैं। यह दृश्य केवल सुंदर ही नहीं, बल्कि एक महान रहस्य की झलक भी है — ब्रह्मांड का। ब्रह्मांड क्या है? यह कैसे बना? इसका अंत कब और कैसे होगा? विज्ञान इन सवालों के जवाब खोजने में सदियों…

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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS)

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) मानवता की अंतरिक्ष में अब तक की सबसे बड़ी वैज्ञानिक परियोजना है। यह एक विशाल अंतरिक्ष प्रयोगशाला है, जो पृथ्वी की सतह से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर स्थित है और प्रति 90 मिनट में पृथ्वी की एक परिक्रमा करती है। इसमें दुनिया के कई देश—विशेषकर अमेरिका (NASA), रूस (Roscosmos), जापान (JAXA),…

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जैव विविधता: प्रकृति का अद्भुत संतुलन

क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे चारों ओर कितनी तरह की वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, सूक्ष्मजीव और पक्षी मौजूद हैं? ये सभी मिलकर बनाते हैं — जैव विविधता (Biodiversity)। यह न सिर्फ पृथ्वी की सुंदरता को बढ़ाती है, बल्कि हमारे जीवन को भी संभव बनाती है। लेकिन बदलते पर्यावरण और मानव गतिविधियों के कारण जैव विविधता गंभीर…

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क्लाइमेट चेंज: जल और जीवन का संकट

21वीं सदी में मानव सभ्यता एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ विज्ञान, तकनीक और विकास के साथ-साथ हम प्राकृतिक संकटों का भी सामना कर रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा संकट है – जलवायु परिवर्तन (Climate Change)। इसके गंभीर प्रभावों का दायरा बढ़ता ही जा रहा है और भावी पीढ़ी के लिए यह एक ऐसा संकट बन चुका है जो…

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